मैं आज आपको इस पोस्ट के अंतर्गत Philosophy जो कि शब्दकोश का एक प्रचलित अर्थ है जिसके बारे मे छोटे ऑर पूर्ण रूप मे उदाहरण के साथ अच्छी जानकारी आप तक पहुंचाएंगे। जब ये पोस्ट आखिर तक एक बार पूरा जान लोगे तब इससे जुड़े प्रत्येक पहलू को अच्छी तरह दिमाग मे बैठाकर उपयोग कर सकेंगे। 

हमने यहाँ मनुष्य की वस्तुओ को लेकर बनी धारणा, कुछ भी पाने या करने हेतु धैर्य के महत्व तथा बाहरी दर्शन पर प्रकाश डाला है। आप अंत तक पूर्ण आर्टिक्ल रीड करके इसका अच्छा लाभ उठा सकते है। चलिये समय खराब ना करके फटाफट आगे बड़ते है। 

Philosophy Word Means in Hindi with Explain :


Philosophy Word Means in Hindi :

धारणा, 
धैर्य, 
दर्शन,

दोस्तो अब तक आपने ऊपर से संक्षेप मीनिंग रीड करके अपने उपयोगी फायदे उठाए होंगे। क्या इनमे कोई परेशानी उठानी पड़ी ? शायद आपका जवाब हाँ हो सकता है क्योकि आप जितने सरलता से इन छोटे अर्थ पढ़कर दिमाग मे बैठाकर बहुत से स्थान पर उपयोग कर लेते है लेकिन आपके द्वारा कुछ मंथ तक फिर से इन्हे नही पढ़ा जाये तब ये दिमाग से बाहर हो जाते है। हालाकि इनके पीछे कारण कोई बड़ी कहानी का जुड़ाव नही होता है। ये समस्या शायद सभी पढ़ने बालो को आ सकती है इसीलिए हमने समाधान के लिए नीचे जानकारी से भरा पोस्ट लिखा है। 
 

What is the Definition of Philosophy in Hindi :


मौजूद मीनिंग पर चर्चा को समझे -    

- धारणा, यह हम सभी के दिमाग मे एक विचार के रूप मे स्थित होता है जो बाहरी किसी भी वस्तु, कार्य तथा लोगो आदि के प्रति भिन्न तरह होती है। एक प्रकार से देखा जाये तो कोई भी आदमी अपने विचार ऑर धारणा के साथ जीवन गुजारते हुये अनेक काम करता है जो कभी सही तो कभी गलत भी हो सकते है। धारणा के बल पर व्यक्ति महान हो जाता है तो विपरीत कभी समाज के लोगो की नजरों से गिर जाता है। आप रोज़मर्रा की जिंदगी मे अपने चारो तरफ या न्यूज़ मे ऐसी घटनाए देखते ही होंगे। 

- धैर्य, हमने अनेकों बार इस अर्थ को लेकर काफी कुछ हमारे पुराने आर्टिक्ल मे बताया ही है। सामाजिक या आर्थिक तौर पर किसी भी बड़े काम के लिए इंसान के अंदर धैर्य का होना काफी जरूरी होता है। जब हम किसी काम की शुरूआत करते है, 

तब उसके अंतिम परिणाम आने तक जो इंतजार किया जाता है उसे हम धैर्य के रूप मे समझ सकते है। आज चारो ओर तकनीकी यूग आ चुका है जिससे लोगो के धैर्य मे बड़ी गिरावट देखने को मिलती है याने वे एक काम को उसके आखिरी परिणाम आने तक नही कर पाते। बहुत से उदाहरण आप अनुभव करते ही होंगे। 

- दर्शन, यह अर्थ कोई वस्तु या इंसान को देखने की ओर इशारा करता नजर आता है। उदाहरण के तौर पर आप सभी प्रत्येक साल किसी मंदिर या खूबशुरत प्राक्रतिक स्थान पर अवश्य जाते होंगे। यहाँ घूमने - फिरने या कुछ काम के चलते भी लोगो का आना - जाना लगा रहता है। भारत देश मे ऐसे अनगिनत स्थान ऑर मंदिर है जो देश की शोभा को बड़ाते है जिससे बाहरी विदेशी लोग भी यहाँ दर्शन के लिए आते रहते है। आगे संबन्धित कुछ प्रभाव भी जाने। 

प्रभाव को नीचे से समझे - 

- धारणा, जैसा कि ऊपर बताया है यह विचारो ऑर सोचने के तरीके पर निर्भर करता है। जिस व्यक्ति के द्वारा आस - पास के कामो, चीजों तथा लोगो के प्रति जिस तरह की धारणा बना लेता है वह उसी प्रकार के सकारात्मक या नकारात्मक परिणाम प्राप्त करता है। हालाकि समाज मे भिन्न मानसिकता के लोग होने से अपनी धारणा के चलते काम करने के साथ दूसरों से व्यवहार करते है। आप चारो ओर से जुड़े संबंधी लोगो के बीच इसे भलीभाती अनुभव कर सकते है। 

- धैर्य, हमने ऊपर कहाँ कि यह सभी तरह के कार्य मे सफलता के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है क्योकि काम को शुरू करने के बाद उसके सही परिणाम आने तक उसमे लगातार बदलाव करते हुये इंतजार करना पड़ता है। 

आपके आस पड़ोस के किसी ऐसे व्यक्ति से पूछ सकते है जिसने अपने जीवन मे कुछ अच्छा मुकाम हासिल किया हो। यह इंसान आपको पूरी तरह सही ऑर खुद का अनुभव बताएगा जिससे आगे प्रगति करने मे मदद लेकर जीवन को अच्छा बना पाएंगे। 

प्रत्येक शब्द के प्रभाव पर विचार पढ़े - 

- धारणा, यह मानसिक रूप से चीजों को लेकर बनाये विचार होते है। 

- धैर्य, बड़ी सफलता प्राप्त करने तक का इंतजार इसे दर्शाता है। 

- दर्शन, किसी भी चीज के बाहरी स्वरूप को इसके अंतर्गत लिया जा सकता है। 

मुझे पूर्ण आशा है कि आपने ऊपर से नीचे तक प्रत्येक बात को अच्छे से जानकर बहुत से स्थान पर उपयोग कर लिया होगा। यदि इस आर्टिक्ल ने आपकी थोड़ी भी मदद की है तो हमे अपने विचार कमेंट मे लिखकर हमारा उत्साह बड़ाये ताकि आगे अधिक बेहतर जानकारी दे सके। चलिये हमसे जुड़ जाये ऑर दोस्तो को भी साथ लीजिये। चलो आगे नए पोस्ट के साथ फिर मिलते है।
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